Top 32+ dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,lovers

Spread the love

dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,lovers aankhon par shayari

मेरी आंखों से आंसू नहीं रुक रहे और उसकी आंखें नरम तक नहीं है

ऐसे जख्म दिए हैं उसने जिसकी जहां में मरहम तक नहीं है मेरी आंखों से आंसू नहीं रुक रहे और उसकी आंखें नरम तक नहीं है ऐसे

जख्म दिए हैं उसने जिसकी इस जहां में मरहम तक नहीं है उसने विचारक के मेरे लिए आज के अंगारे उसने बिछा रखे हैं मेरे लिए

आज के अंगारे जो गर्म तक नहीं है मैं फिर भी उसकी मुश्किलों में जान लुटाने की बात करता हूं मैं फिर भी उसकी मुश्किलों में जान लुटाने की बात करता हूं और उसकी आंखों में शर्म तक नहीं आया

aankhon par shayari

dekha hai teri aankhon ko
dekha hai teri aankhon ko

 aankhen sab bolti hai ,hindi shayari

खता औरों की थी और हमें धोने पड़े सिर्फ शब्दों से ना करना किसी के वजूद की पहचान हर कोई इतना कह नहीं पाता जितना कुछ समझता और महसूस करता है

aankhon par shayari

dekha hai teri aankhon ko
dekha hai teri aankhon ko

हर वक्त खुद से ज्यादा रुलाता है वह हम सपने में भी जिसे रोने नहीं देते कितना भी खुश रहने की कोशिश करो लेकिन सच में जब कोई याद आता है ना तो बहुत रुलाता पहले सुबह बहुत अब आदत सी है यह दर्द पहले था अब इबादत सी है

dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari

dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari
dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari

किराएदार सी थी तुम्हारी फितरत कभी पूरी तरह से अपना समझा ही नहीं यह जीवन है साहब मिलेंगे नहीं समझेंगे कैसे और भी करेंगे नहीं तो लिखेंगे कैसे

aankhon par shayari

dekha hai teri aankhon ko,
dekha hai teri aankhon ko,

उम्र अगर दम है तो कर दे इतनी सी खता बचपन तो छीन लिया बचपना छीन कर बता ना कोई शिकवा ना गिला ना मना रहा

सितम तेरे भी बेहिसाब रहे सब्र मेरा भी कमाल रहा एक वक्त था जब तेरे ना होने से खालीपन का एहसास था अब आलम यह है कि तेरे होने से भी कोई फर्क नहीं पड़ता मुमकिन नहीं है हर किसी की नजरों में

aankhon par shayari

dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,
dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,

बेगुनाह रहना बस खुद से यह वादा करो कि अपनी नजरों में बेदाग रहें यह दुनिया नहीं है मेरे पास तो क्या-क्या मेरा यह भ्रम था कि मेरे पास तुम हो खिलाफ कितने हैं

aankhon par shayari

dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,
dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,

यह मुद्दा नहीं साहब कितनी है यह जरूरी है बहुत भीड़ हुआ करती थी महफिल में मेरी फिर मैं सच बोलता

गया और लोग उठते का ही इतनी कमजोर ना थी मेरी मोहब्बत याद तो तुझे भी आती होगी बस एक ही सवाल पूछना है खुश तो हो ना तुम बहुत अंदर तक तबाही

aankhon par shayari

dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,
dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,

क्या देती है वह क्यों कह नहीं पाते

कभी-कभी माफी मांगने से कोई फायदा नहीं होता जो बात दिल पर लग जाती है वह लग ही जाती है

आंखों के इशारे हो गए उन्होंने भी आप को समझने भी दो चार्ज लगा दो मैं बात नहीं करती

Aankhon Hi Aankhon Mein Sare Ho Gaye aankhon par shayari

dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,
dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,

आंखों में हया हो तो पर्दा दिल का ही बाकी है आंखों में हया हो तो पर्दा दिल का ही काफी है नहीं तो नकाब से भी होते हैं इशारे मोहब्बत की जो सुरूर है तेरी आंखों में वह बात कहा

aankhon par shayari

dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,
dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,

मैं खाने में बस तू मिल जाए तो फिर क्या रखा है जमाने में वह बोलते रहे हम सुनते रहे वह बोलते रहे हम सुनते रहे जवाब आपको में था वह जुबान पर ढूंढते रहे,aankhon par shayari

dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,
dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,

आंखों से आंखें मिलाकर तो देखो आंखों से आंखें मिलाकर तो देखो हमारे दिल से दिल लगा कर तो देखो सारे जहां की खुशियां तेरे दामन पर रख देंगे सारे जहां की खुशियां तेरे दामन पर रख देंगे हमारे प्यार पर जरा एक बार तो करके देखो

aankhon par shayari

dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,
dekha hai teri aankhon ko,hindi shayari,

इकरार में शब्दों की अहमियत नहीं होती दिल के जज्बात की आवाज नहीं होती आंखें बयान कर देती है दिल की दास्तां आंखें बयान कर देती है दिल की दास्तान मोहब्बत लफ्जों की मोहताज नहीं होती

Meri aankhen bhi mujhse sawal karne lagi hai

मेरी आंखें भी मुझसे सवाल करने लगी है क्या है उस शख्स में ऐसा जिसकी वजह से तुम मुझे भूल भी जाते हो जो मेरे घर को आती है करो पीछा क्या कहना चाहती है

aankhon par shayari

कड़वाहट तो साहब यूं ही बदनाम है दिल तो अक्सर मीठे लोग होते हैं वह बुरे वक्त की तरह बहुत कुछ सिखा कर चला गया बहुत फर्क होता है अकेले रहने में और अकेले रह जाने में हमने सुना था लोग प्यार में जान भी दे देते हैं लेकिन जो वक्त नहीं देता वह जान कहां से देगा इश्क मोहब्बत की सियासत भी अजीब है पाया नहीं जिसको उसे खोना भी नहीं चाहते

aankhon par shayari

सूरज की आंखों में आंखें डाल कर देखो है औकात तो अपने दम पर घर संभाल के देखो क्या कहते हो मैं तुम्हारे लिए कुछ भी नहीं करती क्या कहते हो मैं तुम्हारे लिए कुछ भी नहीं करते 9 महीने तुम इतने बार करके,aankhen shayari 2 line

Advertisements

Leave a Comment