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जीवन बदलने वाली कहानी

जो भी हमारे रिश्ते हैं हर रिश्ते की अपनी एक कीमत होती है पर मां बाप मां-बाप के रिश्ते का कोई कीमत नहीं है और वह अमूल्य ही रिश्ता होता है उसका कोई हिसाब ही नहीं है और मां-बाप हमेशा चाहते हैं कि हमारे बच्चे का भलाई हो और एक अद्भुत रिश्ता होता है inspirational story in Hindi

पिता का मां का वह कभी नहीं चाहते कि हमारा बच्चा कभी किसी गलत काम में लगे वह हमेशा चाहते हैं कि उसका अच्छा ही यू कहते एक बार भी नाम वाले कवि थे उनके पिताजी भी राज दरबार में बड़े मान प्रतिष्ठा वाले कवि थे उस समय कन्नौज राज्य का राजा बड़ा धर्मात्मा था उसकी सभा में बहुत कम ही रहते थे जो विद्वान कभी होता था उसको दे ता था देता था राजा उनको जीवन यापन के लिए खर्च भी देता था उनकी कविताएं और उनकी शिक्षाएं भी सुनता था जब वे कविराज कवि राज दरबार में आते तो राजा आदर के रूप में उनको एक पान का बीड़ा inspirational story in Hindi

देता था उन कवियों में एक पंडित था जो बड़ा ही विद्वान था परंतु उसका लड़का उससे भी अच्छा कवि निकला यद्यपि उस लड़के की आयु 17 से 18 वर्ष की थी परंतु उसकी कविता बड़ी मधुर मार्मिक और शिक्षा देने वाली होती थी जब मैं राजदरबार में वे राज दरबार में अपनी कविता सुनाता सुना था तो उसकी उम्र को देखते हुए राजा खुश होकर के हो कर के करके उसका स्वागत करते दो पान के पेड़े देकर करते थे सबको एक देते थे

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लेकिन इस बच्चे को जो सतारा 18 साल का बच्चा था उसको दो पान के देते बहुत से पंडित यह देख कर जलते उस के उसके पिताजी के मन में बड़ी खुशी होती थी और साथ में चिंता भी होती थी यह अभी सत्रह अट्ठारह साल का बच्चा है इसके गुरुकुल के 25 वर्ष पूरे नहीं हुए इतने बड़े मन से मान से इसकी बुद्धि कहीं कई अभिमान में भर ना जाए और यह कोई गलत काम नहीं करें और इसका प्रगति और इसकी उन्नति रुक जाए सारे दर्शन दर्शनशास्त्र भी अभी इससे इसे जानने अभिषके और पढ़ाई करनी है आध्यात्मिक विद्या भी सारी

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इस बच्चे ने खाली थोड़ा सा संस्कृत का अध्ययन कर लिया और थोड़ा साहित्य जान लिया उसके अनुसार बुद्धि अतिथि कवि बन गया यदि समान आदर के चक्कर में रह गया तो इसकी प्रगति और इसकी उन्नति रुक जाएगी ज्यादा मान सम्मान मिलता है तो इंसान न में अब ी में अभिमान आई जाता है और अभिमान के कारण वह फिर पर अभिमान आया मतलब उसका फिर पतन होना ही है जिस inspirational story in Hindi

समय उसका लड़का कहीं से ज्यादा माना दबा कर दबाकर फूला फूला घर आकर अपनी मां से अपनी बात सुनाने लगता तो पास में बैठा हुआ उसका पिता उसमें अभिमान ना आ जाए इस उद्देश्य कहता यह लड़का बड़ा ही मुर्ख है इसको यह समझ ही नहीं है कि सभा में मान तो मेरा है मेरा लड़का होने से दूसरे तेरा मान करते हैं तो अपना ही समझ बैठा है मेरे कारण तेरे को इज्जत मिलती है तेरा मान होता है ना कि तेरी कोई इज्जत और मान है तू विद्या की उन्नति कर और इस मान सम्मान,motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

जीवन बदलने वाली कहानी

चक्कर में थोड़ी विद्या तेरी अवश्य है परंतु उत्तम मान के योग्य भी नहीं है क्या क्या है कल का छोकरा कल का लड़का अभी कुछ नहीं जानता है इस तरह कहने के पीछे उसका पिता चाहता था कि उसके अंदर तेज पैदा हो जिससे वे जोश में आकर अपनी विद्या को विद्या को अधिक बढ़ाने का जतन करें पिता की बात सुनकर और मन motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

लगाकर अपना अध्ययन करता रहता इस प्रकार एक दो साल और विजय एक दिन बड़ा भारी कवि दरबार हुआ राजा ने कभी राजा ने कभी कवियों को बुलाया बड़े बड़े बड़े-बड़े अनेक राजा भी उस दरबार में उपस्थित थे उस दरबार में सबसे बड़ा कवि वही लड़का माना गया और उसको बड़ा आदर मान सम्मान मिला इस कवि दरबार में राजा ने पुरस्कार भी रखा था कि जो आज के दरबार में बड़ा कवि निकलेगा

उसको गाली देगा राजा ने पुरस्कार जैसा एक नया घर प्रबुद्ध मात्रा में धन भी दिया उस दिन उस लड़के ने सोचा कि आज मैं घर जा जाकर पिता को बताऊंगा कि यह मेरा मान,motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

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कि आपका मान है इस प्रकार उसके मन में अहंकार आ गया वह घर गया और खुशी खुशी अपनी मां के सामने जाकर अपना मान दिखाने लगा और बोला पिताजी रोज मुझे मूरत कहते हैं और मेरा अपमान करते हैं ऐसा मालूम पड़ता है कि मेरे motivational story in Hindi,

पिताजी को भी मेरा मान सहन नहीं होता देखो मैं आज कितना माल लेकर आया हूं इज्जत लेकर आया हूं उसकी मां कहने लगी कि कोई बात नहीं बेटा मैं तेरे पिताजी है और तेरे भले के लिए ही कहते हैं परंतु उसकी समझ में यह बात नहीं बैठी देखो यह मान का बंधन मनुष्य को कितना अंधा बना देता है तथा बुद्धिमान को बुद्धिहीन

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कर देता है अंत में जिस समय आ ए ा आया तो उसको ही ही वे सुनाने लगा कि देखो पिता जी पिताजी आज यह मैं मैं कितना आदर मान सम्मान लेकर आया हूं यह क्या बच्चा समझ कर समझकर मुफ्त में मुझे राजा ने मान सम्मान दिया है इस प्रकार लड़के के वचन सुनकर उसके पिताजी ने पहले से और अधिक भला बुरा

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और का कहा कि तुम मूर्ख है और तेरे से बड़ा मूर्ख मैंने देखा ही नहीं है तेरी बुद्धि भ्रष्ट करने के लिए यह सारा काम किया गया है तू समझता नहीं है मान किसका है तेरा मान कुछ नहीं है तेरे कुल और बाप दादाओ का मान राज दरबार में है जो तुझे मिल रहा है क्यों क्यों तू क्यों अभिमान कर रहा है अभी मन कर रहा है कि मुझे मान मिलाएं तेरे को कुछ भी आता जाता नहीं है तू मेरा मुल्क है जैसे जैसे जैसे-जैसे motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

जितना वह मानसी फूला हुआ था पिताजी ने उतनी ही मन से उसे नींद आरोपी डंडे मारे मन में मन में चूर हो गई और समझा कि मेरा बाप मेरा मान सम्मान सहन नहीं कर पाता उसके मन में ऐसा विचार आया है कि यह मेरा बाप नहीं मेरा बैरी है ऐसा ही होता है जब कोई हम को समझाना चाहता है तो हमको वह हितकर नहीं लगता और हमको दुश्मन लगने लगता है जैसे दूसरों को मेरा मान सम्मान बुरा लगता है उसी प्रकार मेरे पिताजी को भी मेरा मन अच्छा नहीं लगता और

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करने में नहीं आ रहा इसको इतना मान तो राज दरबार मिला नहीं और मेरा मान मान सहन नहीं कर पा रहा बेटे के मन में यह आ गई बात कि जितना इतना मान सम्मान मुझे मिल रहा है भाभी के मन में कभी बाहर भी के मन में यह बात आ गई कि जितना मान मुझे मिल जाए मेरे पिताजी को नहीं मिला इसलिए मेरे पिताजी मेरे से चिढ़ रहे हैं और मेरे मन को सहन नहीं कर पा रहे इस प्रकार की बुद्धि उसकी लड़के को लड़के को पिता से उचित मात्रा में मान नहीं मिला तो लोग में से नौ नौ motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

लोग मानदेय अगर एक 11 लोग 11 लोग एक इंसान मान नहीं दे तो अंदर जी में खटकता है और यही भाभी को अपने पिताजी के ऊपर खटकता था कि था कि मुझे मान देते हैं लेकिन मेरे पिताजी मुझे मान नहीं देते जब लड़के को पिता से उचित मात्रा में मान नहीं मिला तो उसके मन में आया कि पिताजी नीचे बैठ बैठ करके भोजन करते हैं मैं छत पर बैठ जाऊंगा जब पिता जी खाना खाने के लिए इसी छत motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

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छत के रोशनदान के नीचे बैठे होंगे उस समय ऊपर से बड़ा भारी पत्थर के रोशनदान में से गिरा कर पिताजी को मार दूंगा देखो यहां तक उसका दोस्त संकल्प बन गया जिसको चारों तरफ से मान इज्जत मिलती है और घर का इंसान बड़ा पिताजी इज्जत नहीं दे रहा तो वह पिताजी को अभिमान कितना खराब है मान इज्जत मिल जाती है इंसान तो रिश्ते नाते सब भूल जाता है इस विचार को लेकर वह चुप कर छुपकर ऊपर जाकर बैठ गया उसने ऐसा प्रतीत करवाया कि पिता द्वारा motivational story in Hindi,

की गई निंदा से मुक्त होकर घर से बाहर होकर कहीं निकल गया अर्थात भाग गया है उसका पिता जो राज कविता राज दरबार से घर पर आया तो उस लड़की की माता ने आते ही का कि आपने अपने बेटे की इतनी निंदा की है आज सुबह से घर से चला गया और उसने आज भोजन तक नहीं किया है जब उसकी माता ने लड़के के घर से भागने के बारे में का तो पिता ने का तू भी मूर्ख है तेरे को पता नहीं motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

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मेरा बेटा है मुझे नहीं पता कि उसका भला क्या है मैं नहीं जानता कि मेरे बेटे का भला किस में होगा यदि अभी से वह मान के चक्कर में सलमान के चक्कर में पड़ गया मिलता है तो उसकी उन्नति रुक जाएगी प्रगति रुक जाएगी तुम जानती हो कि उसके मन में मैं कितना उछलता हूं मुझे कितनी अंदर अंदर में खुशी होती है कि मैं जो मान सम्मान नहीं पा रहा वह मेरा बेटा छोटी उम्र में पा रहा हूं मुझे बहुत motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

खुशी होती है और बस उस खुशी को मैं बाहर प्रकट नहीं कर पाता तुम भी मुंह रखो और वह भी मूर्ख है मैं ही जानता हूं कि मेरे बेटे को कैसे संभाला जाता है और कैसे संभालना है कैसे उसे कुछ पढ़ाई करा कर कुछ प्रगति कराकर कैसे उसको पूर्ण करना है फिर इसकी सबसे ज्यादा खुशी हम दोनों को ही होगी जब यह और ज्यादा ऊंचे पद पर पहुंच जगह अभी इसमें कुछ सीखा ही नहीं जब पिता ने ऐसा कहा तो वही लड़का motivational story in Hindi,motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

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बैठा रोशन छत पर सुन रहा था तब तो उसको ऐसा लगा कि जैसे किसी ने उसी के ऊपर उस ी े उसने सोचा कि मेरा पिता मेरा इतना भला सोच रहा है और मैं उसको मारने के लिए चल पड़ा सचमुच में मेरे से बड़ा मूर्ख कोई नहीं हो सकता क्योंकि उनके अंदर के सई बाबा को मैं नहीं समझ सका मान इज्जत बढ़ाई में मैं अपने अंदर क्या बनाने चाहते मेरे पिताजी और मैं इस बात को नहीं समझ सका motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

इस प्रकार का भाव उसके मन में बना अब मैं पिताजी के सामने कैसे प्रकट हुई वह जाकर अपने पिता जी के चरणों में पड़ गया और का पिता जी पिता जी वास्तव में मूरत से भी महा मूर्ख महामूर्ख आप मुझे दंड सुनाओ पिताजी का अरे बेटा किस बात का दंड सुनाओ सुनाऊं उसने कहा कि मैं मैंने अपने पिताजी को जान से मार डालने की सोची थी तब पिताजी का अरे तूने कहा मार डाला है मैं तो तेरे सामने जीवित बैठा हूं तब सारी बात उसने खोलकर अपने पिताजी को बताई का का सुन बेटे जैसा मूर्ख तू पहले था motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

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ही अब तू मूर्त रूप से सिद्ध भी हो गया है तुझे अभी भी नहीं पता कि मौत कितने प्रकार की होती है जैसे जीवन से ज्यादा मांग को मानते हो पिता से बड़ा मान को तुम मानते हो ऐसे मौत भी एक से एक बड़ी होती है उसने कहा कैसे कहा कैसे पिताजी ने समझाया कि मान जाना सबसे बड़ी मौत होती है कोई कितना भी धनवान हो लेकिन उसकी कोई इज्जत नहीं करता तो समझो वह मरा हुआ है इसलिए तू अपना अपमान करा ले कराले लड़के ने कहा कि मेरा अपमान तो कोई motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

नहीं करता राजा तक मेरा मान करते हैं मैं अपमान कैसे करूं पिताजी ने काम मैं बताता हूं तुम अपनी ससुराल चले जाओ मैं उनको चिट्ठी लिख देता हूं तुम वहां जाकर कुछ दिन नौकरी करना जब उनकी तो जहां तुम को मान मिलता है वहां नौकरी का अपमान मिलेगा जाओ पत्र में लिख देता हूं और तुम्हें यह ख्याल रखना है कि मैं उनकी ससुराल की नौकरी कर रहा हूं वहां motivational story in Hindi,

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रोज अपमान होगा मान भंग होगा तो वह मौत से भी बदतर है उससे तेरा जो तू पिक करना चाहता है उसे तेरा हो जाएगा इस मौत से कुछ नहीं होगा जिससे तू एक बार मरेगा उसकी बात समझ में आ गई उसने कहा देखो सचमुच मेरे पिताजी बड़े बुद्धिमान है है जो कि मुझे मरने से भी बचा रहे हैं और मेरा पाप भी धो रहे हैं तथा मुझे शिक्षा भी दे रहे हैं पिता का पत्र लेकर लड़का ससुराल चला गया ससुराल में जाने के बाद कुछ दिन उसका दामाद की तरह स्वागत किया गया बाद में उन्होंने motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

कहा देखो हमारे यहां बाजरा ी के लिए के लिए चिड़िया उठानी पड़ती है खेत में ऊपर मचान देते हैं अब आप खेत में जाओ हमारे खेतों की चिड़िया उड़ा उड़ाओ पहली नौकरी तो उसको यही दी गई वह कभी तो थाई था इसलिए नौकरी भी करता और अपनी पुस्तक भी लिखता रहता पास में और दूसरों के खेत भी थे उन खेत वाले वाले के लड़कों कविता को सुनाता आते वह लड़के उनको motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

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सुनाता सुनाते उसने उनको इतना लोहा दिया लड़के कहने लगे कि आप हमें यही कविता सुनाते रहा करो आप के खेतों की रखवाली तो हम ही कर देंगे वह मचान पर बैठा बैठा कविता रस्ता पुस्तके लिखता और इस तरह उसे काफी दिन बीत गए जब दूसरी फसल आई तो उसकी घरवाली के बच्चा होने वाला था उसके ससुराल वालों ने कहा कि आप इस खर्च के जिम्मेदारों जिम्मेदारों और इसके लिए ₹500 की motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

जरूरत है कहीं से भी ने कहा कहा मैं कहां से लाऊंगा तो उन्होंने कहा कि यहां के राजकुमार के पास जाओ सबसे ज्यादा उसी के पास धन है उसके पास आप अपनी कोई वस्तु गिरवी रखकर के आवश्यक धन ले आओ उसने सोचा कि मेरे पास और तो कोई वस्तु नहीं है परंतु मैं एक कवि हूं मैंने एक ग्रंथ की रचना की है जिसको मैं गिरवी रख देता हूं जब तक इस ग्रंथ का प्रचार प्रचार नहीं करूंगा जब तक रुपए वापस नहीं दे दूं मैं राजा कोई अपना ग्रंथ motivational story in Hindi,

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और तब तक मैं उसका प्रचार नहीं करूंगा जब तक मैं उसके पैसे उसको देना तू ऐसा विचार करके वे राजा के पास गया और कहा कि महाराज मेरे ग्रंथ का यह एक श्लोक ऑफ़ रखें और इसके आप कृपया करके मुझे ₹500 दे दीजिए जब तक आपके आप के ₹500 वापस नहीं ्त क मैं मैं इस ग्रंथ का प्रचार नहीं करूंगा चलो का भावार्थ अर्थ इस प्रकार है कि कोई भी कार्य झटपट नहीं करना चाहिए कारण की कि अब motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

की अविवेक अर्थात बिना सोच-विचार के झटपट प्रकृति के जोश में जो काम किया जाता है वह परम आपदाओं का घर होता है जो मनुष्य विवेक से सोच-विचार करके करके कार्य करता है उसको सारी संपत्ति संपत्तियां मिलती है श्लोक तो अपने ढंग का संस्कृत में लेकिन अब वे कारते बिना विचार किए विवेक उसे कहते हैं कि जो वस्तु जैसी है उसको वैसा समझ लेना जबकि अविवेक में जो वस्तु जैसी है वैसी तो समझ में आती नहीं तथा कुछ और ही समझ में आती है ना जाने का राजा ने कहा ठीक है श्लोक तो motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

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बढ़िया है पढ़ कर पढ़कर उसने सोचा कि हम राजा है झटपट कहीं भी किसी पर भी क्रोध आने पर हम तलवार चला देते हैं इसलिए इस श्लोक को तलवार की मन में शुरू में रख देते हैं जब तलवार निकाले तो पहले इस लोक का पर्चा गिरते ही सोचने के लिए चौकस कर दी ठहरो जरा सोच कर काम करना कहीं ऐसे ही नहीं दूसरे को मार डाला बिना विचारे अपना विवेक यूज करना राजा ने वैष्णो तलवार की म्यान में रख लिया और उसको ₹500 दे दिए ₹500 लेकर घर आ गया और वे रुपए motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

घरवालों को दिए उसकी घरवाली ने पुत्र को जन्म दिया उसने अपनी ससुराल वालों से का कहा कि आप अपना सामान बगैर वगैरा कर जो कुछ बेटे का संस्कार करना है वह करो उस समय मुसलमानों का राज्य था जितने भी राजपूत राज आते राजा थे यह सब उनके अधीन थे कहीं काबुल में लड़ाई दरबार से आज्ञा मिलेगी गुजरात काठियावाड़ का राजा भाग लेकर पहुंच जाए सेना के साथ आज्ञा पाकर युद्ध क्षेत्र पहुंच गया राजा 5 साल inspirational story in Hindi

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उधर हीरा तथा आ नहीं सका जब यह लड़ाई में गया तो आजा का लड़का 6 साल का था और जब वापस आने वाला था तो 5 साल और 11 साल का हो गया था तो राजा के मन में आया कि मैं इतने दिन से गया नहीं हूं तो मेरे बेटे को भी मैं देखूं मैं कितना बड़ा हो गया है और रानी को भी देखूं मैं कैसे रहती है इसीलिए मैं चुप कर मेल में जाओ और देखूं देखो कि महल में रानी किस अवस्था में रहती है रात को वह रात को चोरी छिपे डाकू की तरह लगता बांधकर मेल पर चर्चा खिड़की खुली थी वह motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

देखने लगा कि मेरे बच्चे वह के श ा वह कैसा है वे राजा क्या दिखता की रानी का पलंग है जिस पर दो सो रहे हैं दो लोग सो रहे एक रानी और दूसरा कोई ऐसा देखकर उसके मन में शंका आएगी मेरी रानी के पास कोई दूसरा व्यक्ति सो रहा है राजा के अंदर शंका के साथी साथ ही ड्रेस चल गया और द्वेष के आते ही तलवार निकाला जाए इन दोनों को फिर से सिर फिर इनका उड़ा दूंगा मैं ऐसा मन में आते ही motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

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निकाल लगा तो श्लोक वाला पर्चा बाहर निकल कर जमीन पर गिर गया इस पत्र के श्लोक के भावार्थ को मन में लाकर उस राजा ने सोचा कि मैं जरा विवेक से काम लो जल्दबाजी नहीं करूं उस ने तलवार तो निकाल ली परंतु उनको कांटा नहीं और जरा चादर खींची तो बच्चा जो था चादर दवाई छोड़ा था एकदम रोने लगा मामा करने लगा राजा ने सोचा यह तो मेरा बेटा है मामा कर रहा है उसको उसको राजा ने तलवार म्यान में रख ली और हंसने लगा रानी कहने लगी हम तो डर गए और motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

सोचा कि कोई डाकुआ 11 जाने का डाकू आ गया राजा ने का डरने की कोई जरूरत नहीं है नीचे फौज खड़ी है अब वह राजा एकांत में सोचने लगा कि यह श्लोक का पर्चा नहीं होता तो मैं दोनों का सिर काट डालता फिर उस अवस्था में मेरे जैसा मूर्ख महा मूर्ख कौन होता मेरा सारा परिवार ही बर्बाद हो जाता अब बेकार हो जाता उसने अनुभव किया कि उस पंडित जी के श्लोक ने मुझे एक बड़ी भारी अनरसे बचा लिया तो अब उस पंडित जी से ₹500 तो क्या वापस लेने उसको motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

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और देंगे उधर उस पंडित कवि के मन में आया कि राजा आ गया है मैं उसका रोड उसका जो कर्ज लिया था वह चुका हूं यह सोचकर राजा के पास गया और कहा कि अब मैं यहां से मैं ा मेरा श्लोक कृपया करके मुझे वापस दे दे दीजिए अब मैं इसका प्रचार करूंगा और अब अपने यह ₹500 ले लीजिए राजा को ₹500 वापस तो क्या लेने थे ₹500 और दे दिए दी तो उसने मारा से का की ऐसी क्या बात है मेरे से तो motivational story in Hindi,

आपको ₹500 का ब्याज भी लेना चाहिए था आप ही ₹500 मुझे दे राजा ने अपनी सारी कथा कवि पंडित को सुनाई कि कैसे इस श्लोक ने मेरा परिवार नष्ट होते होते बचा लिया इस प्रकार मैं आपका ऋणी हूं और मैं इस बात से बहुत अफसोस है मुझे एवं पिता के अपमान का प्रायश्चित करके वह अपने घर वापस आ गया था तो इतनी ही है इसमें कभी तो संस्कृत का बहुत प्रसिद्ध कवि है कभी बाहर भी था motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

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motivational story in Hindi, लिखा हुआ ग्रंथ है कि किरातार्जुनीयम् बड़ा ग्रंथ है बड़े-बड़े कवि को पढ़ ते पढ़ते और उससे उससे शिक्षा लेते कथा में सीखने की क्या बात है यही समझ आए जाएं झटपट कोई कार्य नहीं करना चाहिए सुख को पाने के लिए या थोड़ा थोड़ा दुख पड़ने पर मनुष्य का अपने अंदर मान मन भर जाता है और बड़ों का आदर नहीं करता और वह समझता है कि बड़े हमसे गलत चलने उन को मारने तक के लिए तैयार हो motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

जाता है मान रूपी राक्षस ऐसा अंदर हमारे घुस जाता है कि हम कुछ भी सोचते नहीं है और बिना सोचे ही हुए कार्य करने के लिए तत्पर हो जाते हैं कभी बाहर भी को उसके पिता ने यह उपदेश दिया कि आप कितना भी मान आदर प्राप्त करो लेकिन उसके अंदर आपको अभिमान नहीं आना चाहिए और मौत वह नहीं है जो शरीर मरे

मौत व है वह है जिसमें हमारी मान इज्जत चली जाए हमारा सम्मान चले हमारी मौत है और छत पर झटपट करके बिना विचार के कोई भी कार्य करना नहीं चाहिए थोड़ा उसमें motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

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विवेक चलना चाहिए थोड़ा विवेक तो होना चाहिए नहीं तो सारा काम बिगड़ जाता है इसीलिए इस कथा के माध्यम से हमको भी हम को भी यह सीखना चाहिए कि रिश्ते सब जरूरी है लेकिन मां-बाप का रिश्ता एक अनोखा रिश्ता होता है मां-बाप कभी नहीं चाहते कि हमारे बच्चे को कोई गलत करें या हमारा बच्चा कहीं किसी motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

गलत संगत में पड़ पड़े वह हमेशा चाहते हैं अच्छी संगत करें उसका मान इज्जत सब बरकरार रहे इसलिए माता-पिता को आप अपने द्वारा निशाना करें उनकी बात को समझने की कोशिश करें वह कभी भी हमारा बुरा नहीं चाहते अगर कोई बुरा चाहता है माता पिता माता-पिता तो हमको हम को यह समझना चाहिए कि इनका

किया इनके साथ उनको आदर मान देना चाहिए इस कहानी में हमको बहुत कुछ शिक्षा मिलती है अगर धीरज धर के हम ध्यान से सुनेंगे तो हमको बहुत कुछ सीखने को मिलेगा इसलिए बड़ों का घर में जो बड़े हैं उनका मान इज्जत करके उनकी बात को समझने का प्रयास करें और जिस से जिससे motivational story in Hindi,inspirational story in Hindi

बहुत कुछ मिलेगा और आप एक बात सुप्रसिद्ध जैसे बाहर भी कवि प्रसिद्ध हो गए ऐसे हम भी प्रसिद्ध हो जाएंगे अगर हम इस कहानी को ध्यान से pade तो इसलिए कोई भी कार्य करने में जल्दबाजी नहीं करें बिल्कुल धीरे से विवेक से विचार करके फिर हम कोई भी कार्य करें जिससे हम को भी राजा जैसे कभी को इतनी प्रसिद्धि मिली हमको भी जरूर वे प्रसिद्धि मिलेगी

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