sawan the love season, सावन और लव शायरी! हिंदी

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sawan the love season, सावन और लव शायरी! हिंदी

लव लेटर का सावन में

बदल जाता है मौसम का मिजाज सावन में बदल जाता है मौसम का मिजाज मानव जमीनी बना लिया हो फलक को अपना हमराज

मानव जमीने बना लिया हो फलक को अपना हमराज ताजगी से भरी होती है यह सारी फिजाएं ताजगी से भरी होती है यह सारी

फिजा है इन्हीं फिजाओं में आराम होता है मोहब्बत का एक नया आगाज इन फिजाओं में आराम होता है मोहब्बत का एक नया आगाज,sawan the love season,

कड़कती है बिजली फलक पर जब करें आतिशबाजी कड़कती है बिजली फलक पर जमकर आतिशबाजी मेरा दिल करना चाहे तेरी चाहत की मेहमान नवाजी मेरा दिल करना चाहे तेरी चाहत की

मेहमान नवाजी यह बारिश की बूंदे तुम पर क्या गिरी बेशकीमती हो गई यह बारिश की बूंदे तुम पर क्या गिरी बेशकीमती हो गई

वरना यह धूल में मिलने को थी राजी वरना यह धुन में मिलने को थी राजी इत्र समय के गया मेरे दिल का कोना कोना गुजरी जो

हमसे तेरी सांसे यह ताजी इत्र सा महके गया मेरे दिल का यह कोना कोना,sawan the love season,

sawan the love season. सावन और लव शायरी! सावन के ऊपर हिंदी शायरी

गुजरी जो हमसे तेरी सांसे यह ताजी कुछ इस कदर शामिल हो गया मेरा वजूद तेरी शक्ति है तुम्हें कुछ इस कदर शामिल हो गया है मेरा वजूद तेरी शख्सियत में कि तुझे पाने के लिए दिल नहीं लगा दी अपनी धड़कन की बाजी कि तुझे पाने के लिए दिल नहीं लगा दी अापने धड़कन की बाजी इन बारिश की बूंदों पर लिखूं मैं किस्सा तेरे मेरे इकरार का इन,sawan the love season,

बारिश की बूंदों पर लिखूं मैं किस्सा तेरे मेरे इकरार का कहां से करूं मैं शुरू तेरे दिल की जीत या अपने दिल की हार का कहां से करूं मैं शुरू तेरे दिल की जीत लिया अपने दिल की हार का तुझ में हीsawan the love season,

सिमटा है मेरा पूरा वजूद तुझ में ही सिमटा है मेरा पूरा वजूद वरना मेरी यह साथी मुझे लगती बस उधार का और ना मेरी यह सांसे मुझे लगती बसुधार का बारिश के इन बूथों पर चलो अपने

मोहब्बत की कहानी लिखें बारिश के इन मुद्दों पर चलो अपने मोहब्बत की कहानी लिखें कुछ ऐसे करें कारीगरी की हर लब्ज में मुझे सिर्फ तू ही तू दिखे कुछ ऐसे करें कारीगरी की हर लब्ज में

मुझे सिर्फ तू ही तू दिखे पानी की बौछार जब भी तेरे मुझ पर वार पानी की बौछार जब भी करें मुझ पर वार मेरे यह फिसलते कदम सिर्फ तुम पर आकर ही टिके मेरे यह फिसलते कदम सिर्फ तुम पर आकर ही ठीक है,sawan the love season,

सावन और लव शायरी! सावन के ऊपर हिंदी शायरी

यह बरसता सावन मानव प्रकृति का सोलह सिंगार है यह बरसता सावन मानव प्रकृति का सोलह सिंगार है आपका मेरे साथ हो ना ही मेरा सबसे बड़ा त्यौहार है आपका मेरे साथ होना ही सबसे बड़ा

त्यौहार है आसमान से गिरती है वह दे जब गिला करें धरती का आंचल आसमान से गिरती है बुरे जब गिला करें धरती का आंचल मोनू वह फलक कर रहा है अपने प्यार का इजहार है मानो वह

फलक कर रहा है धरती से अपने प्यार का इजहार है सावन जो चला है अपनी मुद्दों के बाद सा मंदिर चलाएं अपनी मुद्दों के बादsawan the love season,

तुम भी नहीं यह दिल ऐसे तड़पे जैसे जल्दी निकले मछली के प्राण तुम भी नहीं यह ऐसे तरसे जैसे जल्दी निकले मछली के प्राण

अंबर से बारिश की बूंदे जब जमीन को भी कोई अंबर से बारिश की बूंदे जब जमी को भिगो हैं तो ऐसा लगता है मानो आत्मा अपने

मोहब्बत की चासनी में धरती को डुबो ए तो ऐसा लगता है मानो

आसमा अपनी मोहब्बत की चासनी में इस जमी को डूबा तो मुझे उम्मीद है मेरी आज की शायरियां को पसंद आई होगी थैंक्स