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गर्म भारतीय सेक्स,आज का न्यू स्पेशल सेक्सी शायरी

गालिब की याद में शेर अर्ज है जैसे बूंदी के लड्डू कभी पूरे नहीं होते ऐसे ही मुठ मारने से लंड कभी तेडे नहीं होते

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नमस्कार दोस्तों कैसे हो आशा करता हूं अच्छे होंगे तो आज कीपोस्ट में आपको लाया हूं तो अब गंदी शायरी जी हां इनको देखने के बाद आपका मन मत चलने लगेगा आपने ऐसी शायरी कहीं नहीं देखे होंगे तो पोस्ट को शुरू से लेकर लास्ट तक देखें साथ ही साथ हमारे website पर पहली बार आया तो प्लीज छोटे भाई को website को सब्सक्राइब कर दें

अगली शायरी की तरह वक्त कहता है मुझे गवाह मत दिल कहता है मुझे लगा मत प्यार कहता है मुझे अजमा मत और आजकल की गर्लफ्रेंड कहती है डाल चुतीया, hot indian sex,

अर्ज किया है उसने होठों से छू कर लोड़े पर नशा कर दिया लैंड की बात और तो थी यार उसने तो जाटों का हिस्सा लिया है वह, hot indian sex,

के जो चूत का इंतजार करते हैं मर तो वह हैं जो हाथ का इस्तेमाल करते हैं

तुलसी गए मेला देखने देखे 5 टन का घोड़ा चार उसकी टांगें थी पांच माता उसका किसी कॉलगर्ल ने

अर्ज किया है धीरे धीरे करो सनम मंदी का जमाना है इस छोटी सी जगह से पूरी जिंदगी भर कमाना है

कितनी कठोर विडंबना है कुदरत की फूलों का राजा गुलाब कांटो में रहता है और जीवन का निर्माता जाटों में रहता है हर शाम सुहानी

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नहीं होती हर चाहत के पीछे कहानी नहीं होती कुछ तो असर जरूर होगा मोहब्बत में पढ़ना गोरी लड़की काले औज़ार की दीवानी नहीं होती इराक की महक चुराई नहीं जाती पेंटी की झलक छुपाई नहीं जाती

कितने भी छोटे हो प्रेमिका के स्तन एक बार जूस लो तो भुलाई नहीं जाती, hot indian sex,

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शिकवा ना कर दिलाना कर बस इतनी सी गुजारिश है जब भी मैं तेरी में डालो बस तू हिला ना कर, hot indian sex

उनकी गली से गुजरे तो चौबारा नजर आया उनकी गली से गुजरे तो चौबारा नजर आया उनकी महाभारत कर बोली गांड फाड़ दूंगी भोसड़ी के जो दोबारा नजर आया, hot indian sex,

वो आशिक है जो सुबह को शाम बना देते हैं छोटी-छोटी मौसमों को आम बना देते हैं हम से पंगा ना ले छोरी हम तो वह हैं जो छोटी सी दुकान का भी गोदाम बना देते हैं

अर्ज किया है कैसे लड़ूंगा मुकदमा खुद से तेरी जुदाई का घर का एक-एक कमरा गवाह है तेरी रोज की दाल का मर्जी का सेक्स कभी पाप नहीं होता पीछे से डालने वाला कभी बाप नहीं होता

कंडोम जरूर लगाना मेरे दोस्त क्योंकि खड़े पोपट के पास दिमाग नहीं होता

बारिश हो और जमीन गीली ना हो धूप निकले और सरसों पीली न हो तो फिर आपने यह कैसे सोच लिया कि नींद में आपकी याद आए और सरवार गीली ना हो    non veg shayari