Best gulzar shayari in hindi,part3-Gulzar poetry

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Best gulzar shayari in hindi,part3-Gulzar poetry

Gulzar Shayari,

वक्त चलता रहा जिंदगी से बढ़ती गई दोस्त बढ़ती गई दोस्ती घटती गई

हंसना क्या इतना महंगा हो गया जो हर बाहर वजह तलाश करनी पड़े कभी तो बेवजह भी हंस लिया करो यारों,

मैं किसका था जो खत्म हो गया वो मोहब्बत थी जो अधूरी रह गई तुम से दूरियां बना कर तू देख ली मैंने फिर पता चला कितने नजदीक थे,Best gulzar shayari in hindi,

तुम मेरे काश मेरी ख्वाहिश पूरी हो इबादत के बगैर गले लगा ले मेरी इजाजत के बगैर तुमने समझा ही नहीं और ना समझना चाहा

हम चाहते ही क्या थे तुमसे तुम्हारे सिवा कोई तो हो जो इस दौर में भी पुराने जमाने वाला इश्क कर सकें,

अगर सजा दे ही चुकी हो तो हाल मत पूछना क्योंकि अगर बेगुनाह निकले तो अफ़सोस बहुत होगा,Best gulzar shayari in hindi,

क्यों ना बदलो में तुम वही हो क्या चलो मैं गलत तुम सही हो क्या इतने सरल कहां है दिलों के रिश्ते न जाने कितने जन्म लिए सती ने शिव को पाने के लिए

कमाल कि तेरा हो जाऊं,Gulzar Shayari,

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यह मत सोचना कि आज छोड़ दी है बस अब मैंने तेरी तलाश छोड़ दी है आंखें बहुत रोई थी फिर दिल ने तसल्ली दी तू तो पर आया ही था दाद देते है तुम्हारे नजरअंदाज करने के हुनर को

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जिसने भी सिखाया वह उस्ताद कमाल का होगा बहुत करीब से अनजान बन के गुजरा है जो कभी दूर से पहचान लिया करता था

मेरी मोहब्बत मिली तो नींद ही भी रूठ गई गुमनाम जिंदगी थी तू कितने सुकून से सोते थे आपसे दिल लगना तो खुदा की मर्जी थी वरना मिलना तो रोज हजारों से होता है,

पूरा दिन गुजर गया तुमने याद तक नहीं किया मुझे नहीं पता था कि इश्क में भी इतवार होता है उनकी चाहत में हम कुछ यूं बंधे हैं कि

वह साथ भी नहीं और हम अकेले भी नहीं बदला नहीं हूं मैं मेरी भी कुछ कहानी है बुरा बन गया मैं अपनों की मेहरबानी है मत बनाओ किसी को सब कुछ अपना अगर वह चला गया तो फिर आपके पास कुछ भी नहीं बचेगा याद तुझको ये मेरा प्यार,Gulzar Shayari,

Gulzar Shayari

इश्क उसी से करो जिसमें कमियां बेशुमार हूं

यह खूबियों से भरे चेहरे इतराते बहुत हैं कभी कभी वक्त हमें ऐसे मोड़ पर ला देता ना जीने की इच्छा होती है न मरने की हिम्मत जब मोहब्बत ही ना रहे हम दोनों के दरमियां तो हम रूठे क्या और वह मनाए क्या,Best gulzar shayari in hindi,

हमने अपनी हंसी को खूंटी पर टांग रखा है जब घर से निकलते हैं तो पहन लेते हैं,

जुनून था किसी के दिल में जिंदा रहने का नतीजा यह निकला कि हम अपने अंदर ही मर गए अकेलेपन से सीखी है पर यह बात सच्ची है दिखावे के दिन से तो तन्हाई की रात अच्छी है

मुझे इंतजार है जिंदगी के आखिरी पन्ने का सुना है अंत में सब ठीक हो जाता है

पीठ में गया जहर सिर्फ एक इंसान को मारता है कान में गया शहर सैकड़ों रिश्ते मार देता है,

संस्कार इसलिए भी

कम हो गए हैं पहले दूसरों से सीखते थे और अब गूगल से शादी करें तो किस से करें पुराने दोस्तों आप इज्जत मांगते हैं

जिंदगी जीने खुशी नहीं देती उन्हें तजुर्बे बहुत देती है,Gulzar Shayari,

तकलीफ यह नहीं कि उसने किसी और को चाहा दर्द तो तब हुआ जब हम नजरअंदाज किए गए,Gulzar Shayari,

काश आसुओं के साथ शादी भी बह जाती तो 1 दिन तसल्ली से बैठकर रो लेते,

कोई हमें मोहब्बत का यकीन ना दिलाए हमें रूह में बसा कर निकाला है,Best gulzar shayari in hindi,